वृष राशि गुण और लक्षण

वृष राशि

वृषराशि का चिन्ह बैल है। बैल स्वभाव से ही अधिक पारिश्रमी और बहुत अधिक वीर्यवान होता है,  साधारणत: वह शांत रहता है। किन्तु क्रोध आने पर वह उग्र रूप धारण कर लेता है। यह स्वभाव वृष राशि के जातक में भी पाया जाता है।  वृष राशि का स्वामी शुक्र ग्रह है। इसके अन्तर्गत कृत्तिका नक्षत्र के तीन चरण, रोहिणी के चारों चरण और मृगशिरा के प्रथम दो चरण आते हैं।
जातक के जीवन में पिता-पुत्र का कलह रहता ह,    जातक का मन सरकारी कार्यों की ओर रहता है।    सरकारी ठेकेदारी का कार्य करवाने की योग्यता रहती है।     पिता के पास जमीनी काम या जमीन के द्वारा जीविकोपार्जन का साधन होता है। जातक अधिकतर शराब, काबाब के भोजन में अपनी रुचि को प्रदर्शित करता है।
गुरु का प्रभाव जातक में ज्ञान के प्रति अहम भाव को पैदा करने वाला होता है,  | वह जब भी कोई बात करता है तो गर्व की बात करता है, सरकारी क्षेत्रों की शिक्षाएं और उनके काम जातक को अपनी ओर आकर्षित करते हैं    और किसी प्रकार से केतु का बल मिल जाता है तो जातक सरकार का   मुख्य सचेतक बनने की  योग्यता   रखता है।    मंगल के प्रभाव से जातक के अन्दर मानसिक गर्मी को प्रदान करता है, कल कारखानों, स्वास्थ्य कार्यों और जनता के झगड़े सुलझाने का कार्य जातक कर सकता है,
जातक की माता आपत्तियों से घिरी होती है और पिता का लगाव अन्य स्त्रियों से बना रहता है। ये अधिक सौन्दर्य बोधी और कला प्रिय होते हैं। जातक कलाकारी के क्षेत्र में नाम करता है। माता और पति का साथ या माता और पत्नी का साथ घरेलू वातावरण मे सामजस्यता लाता है, जातक अपने जीवन साथी के अधीन रहना पसंद करता है।
चन्द्र-बुध जातक को कन्या संतान अधिक देता है और माता के साथ वैचारिक मतभेद का वातावरण बनाता है, जातक के जीवन में व्यापारिक यात्राएं काफी होती हैं, जातक अपने ही बनाए हुए उसूलों पर जीवन चलाता है, वह मकडी जैसा जाल बुनता रहता है और अपने ही बुने जाल में फंस जाता है।
रोहिणी के चौथे चरण के मालिक चन्द्र-चन्द्र है,जातक के अन्दर हमेशा उतार चढाव की स्थिति बनी रहती है,वह अपने ही मन का राजा होता है।
मंगल-सूर्य की युति में पैदा होने वाले जातक अपने शरीर से दुबले पतले होने के वावजूद गुस्सेवाले होते हैं, वे घमंडी होते हैं। जिससे आदेश देने की वृत्ति होने से सेना या पुलिस में अपने को निरंकुश बनाकर रखते है, इस तरह के जातक अगर राज्य में किसी भी विभाग में काम करते हैं तो सरकारी सम्पत्ति को किसी भी तरह से क्षति नहीं होने देते।
मंगल-बुध जातक के अन्दर कभी कठोर और कभी नर्म वाली स्थिति पैदा कर देते हैं। जातक का मन कम्प्यूटर और इलेक्ट्रोनिक क्षेत्र की ओर होता है। वृष राशि वाले जातक शांति पूर्वक रहना पसंद करते हैं।
जीवन में परिवर्तन से चिढ सी होती है, अलग माहौल में रहना अच्छा नही लगता है। इस प्रकार के लोग सामाजिक होते हैं और अपने से उच्च लोगों को आदर की नजर से देखते है।

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